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Rastriya Mahila Suraksha Manch (RMSM) take out candle march to seek justice for Mandsaur rape victim

New Delhi, 1st July 2018: Today Rastriya Mahila Suraksha Manch (RMSM) National President Mokibul Hussain, National Vice President Raghavendra Pandey, National Secretary Pramod Mishra and Delhi State Sangathan Mantri Rakesh Kumar, Delhi State Secretary  Smt. Madhu, Dwarka Zila President Smt. Asha Gupta and Bihar state president Naveen Kumar and many other volunteers took part in candle march taken out at India Gate demanding justice for the eight-year-old rape victim in Mandsaur (Indore, Madhya Pradesh).

Carrying placards displaying — “Mandsaur ki beti desh ki beti, Irfan aur Asif ko fasi ki saza do, ma bilakh rahi hai, baap hai asahai” (Mandsaur’s daughter, country’s daughter; death penalty for Irfan and Asif; the mother is crying, the father is helpless) — the participants of the march said that authorities concerned should punish the accused. Strong laws should be enacted to prevent people committing this kind of heinous crimes.

Mokibul Hussain said that people from all religion, all political parties should come on road to prevent such kinds of heinous crimes. RMSM demand death penalty for the rapists.

National President of Rastriya Mahila Suraksha Manch, Mokibul Hussain explained: “दो बलात्कार का मामला: दो लड़कियों की उम्र 8 साल। पहला कथुआ (जम्मू-कश्मीर) है और दूसरा मध्य प्रदेश में मंदसौर के है। कथुआ मामले के बारे में: (शिकार: मुस्लिम, आरोपी: हिंदू) भारतीय मुस्लिम, ईसाई और हिंदू विरोध कर रहे थे, हमारे छात्र समुदाय, इतने सारे स्वयंसेवक संगठन, टीवी, सिनेमा कलाकार और अभिनेत्री, हस्तियां, राजनेता इत्यादि सड़क पर थे कथुआ पीड़ित और कथुआ बलात्कार का मामला अंतरराष्ट्रीय समाचार बन गया था ।
लेकिन मंदसौर मामले के बारे में: (शिकार: हिंदू, आरोपी: मुस्लिम) केवल कुछ हिंदू सड़क पर हैं। कोई मीडिया नहीं, कोई हस्तियां नहीं, कुछ राजनेता, कोई मोमबत्ती मार्च इत्यादि नहीं। यहां तक कि यह मामला राष्ट्रीय समाचार भी नहीं बना है।
आखिर क्यूं ?????? क्योंकि बलात्कारी मुस्लिम है। हमे शर्म आनी चाहिये। भारत में रहने वाले सभी इंसान हमारे इंसानियत के ऊपर शर्मिंदा हैं। किसी भी धर्म के आधार पर बलात्कार की तुलना मत करो। बलात्कारियों पर राजनीति रंग करना छोड़ ढो । मानवता के लिए सोचो, धर्म नहीं। शांतिपूर्ण राष्ट्र के लिए सोचो, धर्म नहीं। एक इंसान के रूप में हमारे ऊपर बड़ा शर्मनाक । मानवता शर्मिंदा |”

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